
नया साल का दिन है प्यारा,
लगता है जैसे सपना हमारा।
हर आँगन में दीप जले हैं,
रोशन हो हर मन का तारा।
बीते कल को विदा करें हम,
आज से नए पथ पर चलें हम।
टूटे सपने फिर से सजें,
आँखों में विश्वास भरें हम।
हँसी बिखेरे हर एक सवेरा,
दूर भागे दुखों का अँधेरा।
मेहनत की धूप साथ रहे,
सफलता बने हमारा बसेरा।
ना बैर रखें, ना ही दूरी,
अपनी बने हर मजबूरी।
प्यार बाँटकर खुशियाँ पाएँ,
यही है जीवन की पूरी।
नया साल है नई कहानी,
हर पल लिखे नई निशानी।
दिल से कहें, सच से जिएँ,
यही है जीवन की जुबानी।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश




