
सेनाएँ तैनात हैं, तेज घाम अरु शीत।
सैन्य सभी गाते सदा,देश प्रेम का गीत।।
मंदिर घण्टी सुन उठे,सुनकर उठे अजान।
धर्म बाँट नहि ध्वज तले,झण्डा करे सलाम।।
स्वतन्त्रता की आन पर,चढ़े हजारों शीश।
नमन करें उन वीर को,दें उनको आशीष।।
आजादी के यज्ञ में, प्राण किए आहूत।
धन्य हुई वह कोख जो,जने शहीद सपूत।।
डॉ.पुष्पा सिंह




