
आप हैं धवल,
आप हैं सबल,
आप हैं सफल,
आप में है आत्मबल।
वर दे वीणावादिनी वर दे
आप तारों को करती झंकृत,
आप छेड़ती मृदु संगीत,
आप इंसानों को देते ज्ञान,
वे बन जाते विद्वान।
वर दे वीणावादिनी वर दे
आप हैं वीणावादिनी,
आप हैं हंसवाहिनी,
आप हैं विद्या दायिनी,
आप हैं जगत जननी।
वर दे वीणावादिनी वर दे
आप ईर्ष्या और द्वेष मिटाती,
अज्ञानता को दूर भगाती,
संगीत की सुरीली तान बिखेरती,
दुनिया को सृजित करती।
वर दे वीणावादिनी वर दे
दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना (बिहार)




