साहित्य

व्यंग

डॉ नवीन मौर्या "फायर बनारसी "

“”माथे पर सिकन है,
चेहरे पर झुर्रियां,
ना नूर है, ना जमाल है,
बहनों, भाईयों —–
ये तो बस पांच किलो रासन का कमाल है”‘

डॉ नवीन मौर्या “फायर बनारसी ” हास्य व्यंग कवि काशी।

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