
शबरी जयंती पर विशेष 8 फरवरी
राम नाम का जाप करे वह,
दिन हो चाहे रात।
कृष्ण पक्ष फाल्गुनी सप्तमी
जन्मी शबरी मात ।
आश्रम में जब राम पधारे
ले लक्ष्मण को साथ ।
असुअन से माँ पांव पखारे ,
चरण नवाए माथ ।
अराधना में डूबी शबरी ,
प्रभु देती फल ढेर ।
अपनी सुध बुध भूल कर मैया ,
खिलाय झूठे बेर ।
नवधा भक्ति का ज्ञान देते,
शबरी माँ को राम ।
जीवन अर्पण कर रघुवर को,
जाती प्रभु के धाम ।।
डॉ स्वाति पांडेय प्रीत
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी
साहित्य साधक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान
लखीमपुर-खीरी
उत्तर प्रदेश




