
किस्मत का चमकता सितारा हूँ|
घर की परिधि सबका सहारा हूँ|
प्यार, विश्वास, प्रीत का सुंदर नाम हूँ|
रिश्तों से बंधी स्वतंत्रता का पैमाना हूँ|
नारी हूँ सुता हूँ भार्या हूँ भगिनी हूँ,
हर रुप हर रंग हर पथ में संगिनी हूँ,
जगत की हर कहानी मुझसे ही है,
कवि हृदय से निकली सुंदर लेखनी हूँ,
कभी खेतों में उगती अन्नपूर्णा हूँ,
कभी तरंगिणी में बहती मेघपूष्पा हूँ,
सदियों से प्राण दायिनी मैं ही हूँ,
मैं ही अर्द्ध जगत में स्वयं सम्म पूर्णा हूँ,
ईश्वर की अनुपम कृति अतुलनीय हूँ
ममतामयी मूरत सदैव सम्मानीय हूँ,
पाणी देकर कभी न छोडें साथ,
प्रेम का अनंत भाव सदा अमरणीय हूँ,
रश्मि मृदुलिका
देहरादून उत्तराखण्ड




