
गर्मी आई, गर्मी आई,
कूलर बाहर निकाला भाई।
धूप लगे जैसे अंगार,
घर में सबको प्यास अपार।
गन्ने का रस ठंडा-ठंडा,
नींबू शरबत बड़ा ही चंगा।
शाम हुई तो मन इतराए,
ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाए।
छत पर शाम को ठंडी हवा,
गर्मी में भी मज़ा भला।
आम, तरबूज और ककड़ी खाओ,
गर्मी को भी हँसकर बिताओ।
— रंजिता निनामा
झाबुआ, मध्य प्रदेश 🌞🍉🍦



