भोली भाली लगे है , लगती माँ भगवान।
ममता का आँचल लगे, बनकर सुखद जहान।।
बनकर सुखद जहान, हरे दुख जन के सारे ।
महिमा लगे महान , लगे बालक जग प्यारे।।
तीन लोक की मात , भरे है सबकी झोली।
करे बिना वह स्वार्थ , सभी की सेवा भोली।।
डॉ.मंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई
कुंडलिया छंद
आए माँ की याद
माता रानी है लगे, सीता रमा महान।
हमें छोड़ के है चली, हुआ सभी वीरान।।
हुआ सभी वीरान, दुःख में जन अब सारे।
रोए है परिवेश , सकल जड़ – चेतन प्यारे।।
कहती मंजू सत्य, बहे आँखों से पानी।
आए तेरी याद , हमें है माता रानी।।
डॉ.मंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई




