साहित्य

नव संवत्सर मंगलमय हो

डॉ अरूणा

नव मानवी सृष्टि वर्ष का अभिनंदन है!
अज्ञान,भ्रम,भय,दहशत का भंजन है!!
समस्त सृष्टि में सब कुछ बदला है!
पिछले से उज्जवल यह वर्ष अगला है!!
नव सृजन, नव चेतन, नव चुनौती हैं!
कण कण में प्राण प्रदीप्त हुई ज्योति हैं!!

हर परिवर्तन संग हर देह में परिवर्तन!
शुद्धिकरण,शोधन,नव उमंग का नृतन!!
हर जीव की उदरपूर्ति को फसलें तैयार!
परमपिता परमात्मा अनुकम्पा उपहार!!

अपनी माटी,अपनी संस्कृति,अपना दर्शन!
हर युग में नव-सृजन को चले चक्र सुदर्शन!!
विराट पर्व यह आदि सृष्टि से चलता आया!
ब्रह्मा,मनु,श्रीराम,श्रीकृष्ण,दयानंद बतलाया!!

मंगलकामनाएं हर धरावासी को प्रेषित हैं!
आर्यराज समस्त धरा पर सब हर्षित हैं!!
ऐसे कुछ करें सद्कर्म सभी यहाँ मिलकर!
“राम” होश अनादि अनंत आनंद खिलकर!!
……………………………….
डॉ अरूणा
राजकीय कन्या वरिष्ठ विद्यालय जसौर खेड़ी
जिला-झज्जर (हरियाणा)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!