साहित्य

रोटी की कीमत

निवेदिता सिन्हा

क्या होती है रोटी की कीमत ?
भूखे को मिले  तो बेसकीमती रोटी।
पेट भरे को मिले तो कचरे में फेकी जाती रोटी ।
भूखे लाचार इंसान या जानवर को कचरे मे दिखे तो भूख मिटाती रोटी।
माँ के हाथ की बनी  तो अमृत रोटी ।
मेहनत की कमाई की बनी हो तो ईज्जत की रोटी ।
चोरी की कमाई की बनी हो तो बेईमानी की रोटी ।
आजकल तो कई भेराइटी की होती रोटी ।
ज्वार, बाजरे, गेहूँ, चावल आदि आटें से बनती रोटी ।
बाजार में रेडिमेड पावरोटी आदि के रूप में बिकती रोटी ।
किसी के पास खाने में कई तरह की रोटी ।
किसी के पास पेट भरने के लिए बस टुकड़े की रोटी ।
हर की जीवन में होती अपने-अपने नसीब के कीमत की रोटी ।
निवेदिता सिन्हा
गया जी बिहार

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