
खम्भा नोच रही है देखो
यह खिसियानी बिल्ली,
अम्मा जी मुझको बतलादो
जायेगी क्या दिल्ली?
अम्मा बोली, काम कोई जब
नहीं किसी पर होता,
दोष दूसरों को दे दे कर
रोज हमेशा रोता।
इसे देखकर जग यह सारा
बात यही बस सोचे,
देखो, देखो अब खिसियानी
बिल्ली खम्भा नोचे।
मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ० – 8433013409




