साहित्य

शहीदों की पुकार

कुलदीप सिंह रुहेला

मिट्टी की खुशबू में उनकी कहानी बसती है,
हर बूंद लहू की, आज़ादी की निशानी लगती है।
जो हँसते-हँसते फाँसी पर झूल गए,
उनकी यादों से ही तो ये धरती सजती है।

भगत सिंह की गूंज आज भी हवा में सुनाई देती है,
राजगुरु की वीरता हर दिल को जोश दिलाती है।
सुखदेव का त्याग हमें राह दिखाता है,
इन वीरों का बलिदान देश को महान बनाता है।

न झुके थे कभी, न डर से वो हारे थे,
माँ भारती के सच्चे वो राज दुलारे थे।
सीने पे गोली खाकर भी मुस्काए थे,
देश के खातिर खुद को न्योछावर कर डाले थे।

आज भी हवाओं में उनका स्वर गूंजता है,
“देश पहले” का संदेश हर दिल में बसता है।
उनकी कुर्बानी यूँ ही नहीं भुलाई जाएगी,
हर पीढ़ी को ये गाथा सुनाई जाएगी।

जब भी तिरंगा आसमान में लहराता है,
हर शहीद का चेहरा याद आ जाता है।
उनकी चुप कुर्बानी बहुत कुछ कह जाती है,
हम सबको देशभक्ति का पाठ सिखाती है।

कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!