
जब भी तू सामने आती है,
दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
तेरी आँखों की उस गहराई में,
मेरी दुनिया सिमट जाती है।
तेरी मुस्कान की उजली रोशनी,
मेरे हर दिन को सजा जाती है।
तेरी बातों की प्यारी सी धुन,
दिल में एक गीत बना जाती है।
तेरे बालों की वो नरम छाया,
मन को सुकून दे जाती है।
तेरी नज़रों की हल्की सी झलक,
दिल में हलचल मचा जाती है।
काश तू पास बैठी हो मेरे कभी,
और ये पल यहीं ठहर जाए।
तेरे करीब यूँ ही बैठे-बैठे,
मेरा हर सपना संवर जाए।
अतुल पाठक
हाथरस(उत्तर प्रदेश)




