
तन में राम, मन में राम
जीवन में राम समाया,
चारों ओर बिखरा हुआ
सनातनी प्रभाव भाया,
सबने मिलकर भारत में
प्रभुराम का मंदिर बनाया,
अब राम-राम करते जन
करें रामराज्य की आशा,
जो न ले राम का नाम तो
कैसे हो दूर मन की निराशा,
राम नाम भजने में सत्य का
हो प्रादुर्भाव सबके जीवन में,
मन शांत, शांतिपूर्ण जीवन ही
सफलता का नव उद्गम मंत्र है,
प्रभु श्रीराम के जन्मदिन की
महाउत्सव की रामनवमी बेला,
खूब मनाओ जोरशोर से कोई
ना प्रेमी इसमें रह जाये अकेला,
तन में राम, मन में राम
जीवन में राम समाया,
चारों ओर बिखरा हुआ
सनातनी प्रभाव भाया,
सबने मिलकर भारत में
प्रभुराम का मंदिर बनाया ।।
– मदन वर्मा ” माणिक ”
इंदौर, मध्यप्रदेश




