
बेटियों पर होता है जो -जो अत्याचार |
हर बेटा भी होता नहीं उसका जिम्मेदार ||
अलख जगाओ बेटी बचाओ देते हम नारा |
चिराग बचाओ वो भी आँखो का तारा ||
बेटी अपने हक का करती दुराचार |
बेटों का क़ानून से दो अधिकार ||
मच रही चहु ओर दिशा हाहाकार |
चीख सुनो उस माँ की चित्कार ||
बेटी को दुल्हन बना लाती अपने द्वार |
बेटा दे माँ कर देती खुशियाँ वार ||
वो बेटी सुपारी दे पति को देती मार |
पल में करती मानवता संघार ||
सह देना बेटी को इतना भी मत बिगाड़ |
करुणा, ममता का सीख अरु उपकार |
दिया होता तो होता नहीं नर संहार|
जाग-जाग सुन मानवता की पुकार ||
पायल अग्रवाल ‘छनक’
मुजफ्फरपुर
बिहार




