
अंजनी माँ का पुत्र वीर है,
पवन लाल ये रणधीर है ।
चैत्र पूर्णिमा को जन्में हैं,
ब्रह्मा से शुभ नाम मिला है ।।
शिवजी के अवतार ग्यारहवें,
रुद्र रूप कहलाते हैं ये ।
वीरों के भी वीर पवनसुत,
महावीर कहलाते हैं ये ।।
हनु प्रहार जब लगा इन्हें था,
तब से हनुमत नाम मिला है ।
दास बने प्रभु के चरणों के,
भक्त शिरोमणि नाम मिला है ।।
प्रभु के दूत बन लंक जलाई,
रामदूत तब नाम मिला है ।
वानर सेना के राजा ये,
जय कपीश इनको कहते सब ।।
नाम अनगिनत बजरंगी के,
अतुलित शक्ति के राजा हैं ।
तेज अनोखा बजरंगी का,
नाम से भूत प्रेत सब भागे ।।
राम नाम से खुश हो जाते,
भक्तों के सब कष्ट मिटाते ।
उनके सारे संकट काटे,
बल बुद्धि और विद्या बांटे ।।
नीलम अग्रवाल “रत्न” बैंगलोर 🙏




