समाजसेवी ने लिया गांव गोद, निजी खर्च से कराएंगे विकास कार्य

अहरौला। समाजसेवी व कारोबारी करनपुर गांव निवासी यशवंत चौबे, जो वर्तमान में नोएडा में कारोबार करते हैं, ने शनिवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर अपने पैतृक गांव करनपुर इटौरा को गोद लेने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने गांव के युवाओं के साथ मिलकर यह संकल्प लिया कि वे गांव के समग्र विकास के लिए अपने निजी संसाधनों से कार्य कराएंगे।
यशवंत चौबे ने बताया कि गांव में जो भी सार्वजनिक विकास कार्य अब तक अछूते रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। इसके साथ ही गांव के युवाओं, बहन-बेटियों और छात्रों के लिए देवस्थान परिसर में एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। इस लाइब्रेरी में ज्ञानवर्धक पुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि गांव के युवाओं को पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े और वे गांव में रहकर ही बड़े से बड़े प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकें।
उन्होंने कहा कि देश की असली ताकत गांवों में बसती है। कई गांवों में प्रतिभा और बौद्धिक क्षमता की कोई कमी नहीं है, केवल संसाधनों का अभाव है। यदि गांव मजबूत होंगे तो देश अपने आप मजबूत होगा और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
इस मौके पर सुरेश चौबे, श्यामधर चौबे, सुनील चौबे, मोनू तिवारी सहित गांव के कई गणमान्य लोग व युवा उपस्थित रहे और समाजसेवी की इस पहल की सराहना की।