कभी पैरों में नहीं थी चप्पल, हालात बदलें अब पैतृक घर को असहाय, गरीब बच्चों के लिए बना दिया निशुल्क कोचिंग हब
सपने सच उसी के होते हैं जिनके हौसलों में जान होती है

अहरौला के फूलपुर तहसील अंतर्गत महुवारा गांव निवासी रियल एस्टेट करोबारी 40 वर्षी राजमणि यादव ने करके दिखा दिया राजमणि यादव ने अपने उस समय को याद करते हुए भाउक हो गए कहा एक समय था कि हमारे पैरों में चप्पल नहीं होती थी लेकिन संघर्षों और सहयोगियों के बल पर सब कुछ हासिल किया जो मिला है मैं उसे पिताजी का आशीर्वाद और ईश्वर का कृपा समझ रहा हूं मैं बिताए गए समय के दर्द को समझ रहा हूं अभाव झेलना कितना मुश्किल होता है समाज भी मजाक उड़ाता है पूर्व के उन हालातो ने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया की क्यों ने गांव में खाली पड़े अपने पैतृक मकान मे गरीब असहाय नोनीहाल बच्चों के लिए निशुल्क पाठशाला बनाकर उन्हें शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ दिया जाए और यह कार्य आज 26 जनवरी को बाकायदा महुवारा गांव में दो मंजिला पैतृक मकान को असहाय, गरीब बच्चों के लिए निशुल्क पाठशाला बना दिया। बताते चलें लखनऊ में रॉयल्योसन ग्रुप आफ कंपनी के चेयरमैन राजमणि यादव 26 जनवरी को अपने पैतृक गांव महुवारा पहुंचे और कई वर्ग फुट में फैले अपने दो मंजिला पैतृक आवास को नौनीहालों के पठन-पाठन के लिए समर्पित कर दिया। राजमणि यादव ने मंच से ईसकी घोषणा की और अपने पिता रामयश यादव के हाथो फीता काटकर इसकी औपचारिक घोषणा कर दी।
कई साल पहले अभाव और संघर्ष के दिनों मे गुजारें समय को मंच से बया किया एलएलएम की पढाई कर डिग्री ली, कहा पुराना आभाव का समय याद है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलग जगाने का मन हुआ पूरे पैतृक आवास को क्षेत्र के तमाम असहाय और गरीब बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग पाठशाला के लिए दे दिया लगभग 100 से ज्यादा नौनिहाल इस पाठशाला में आ रहे हैं आगे हमारा लक्ष्य है कि इसी गांव में आईएएस पीसीएस, आईआईटी,नीट जैसे क्षेत्र के लिए प्रतिभाग करने वाले युवाओं को निःशुल्क कोचिंग दिलाना। जल्द ही हम इस ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की निःशुल्क व्यवस्था को देने जा रहे हैं शिक्षा ही हमें विकास के उच्च शिखर पर ले जा सकती है और देश को विश्वगुरु बनाने में शिक्षा की ही भूमिका है। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विजय बहादुर सिंह पिंकू, संतोष सिंह बबलू, भाजपा जिला मंत्री दिलीप सिंह बघेल, प्रमोद राजभर, संजय गिरी, रामहित यादव, विजय सिंह, बलराम तिवारी, लालचंद यादव, प्रधान संग्राम निषाद, सुनील यादव मौजूद रहे।




