साहित्य

वह लड़की याद आती है भाग 5

डॉ रामशंकर चंचल

वह लड़की,
याद आती है
जो मां है
बहन है
सृष्टि की जननी है
लड़की जो सदियों से
कभी दुर्गा है
कभी काली तो
कभी लक्ष्मी हैं
लड़की पूरे विश्व पटल की
दुनिया के विकास की
ताकत और ऊर्जा हैं
लड़की है
शक्ति है,ताकत है
प्रेरणा स्रोत है
पुरुषों की अद्भुत
ताकत और ऊर्जा हैं
लड़की पूरे कायनात की परिभाषा है
पूजा है ,अर्चना है
वह लड़की
सचमुच बेहद वंदनीय है
जो रोज रोज़ मर के जाती हैं
अपने बच्चों के लिए
अपने घर परिवार के लिए
ईश्वर की अनुपम कृति है
लड़की है तो सृष्टि है
दुनिया है
क्यों नहीं समझती यह सत्य
यह दुनिया
कोख में ही मार देने वाले
कितने अज्ञानी है
जो उसके जन्म के
पहले ही
उसे दफना देते हैं
कोख में
है परम् शक्ति ईश्वर
क्यों नहीं इन्हें
ज्ञान देता है कि
लड़की है तो सृष्टि है
तुम हो
सारे सुख सुकून है
गीत है
ग़ज़ल हैं
कविता है
संगीत है
कला है
सब कुछ है
लड़की है तो हम, तुम, जग
सचमुच अद्भुत है
ईश्वरीय रूप
शक्ति जो सदियों से धरती पर
विराजमान है और सब को
सुख सुकून का अहसास कराए जिंदा रखें ,सक्रिय रखें, ऊर्जा ताकत प्रदान करती हुई है
वंदन सत् सत् वंदन
दुनिया की तमाम लड़कियों को
मां और बहन को
सदा ही वंदन मेरा
दुनिया का सतत् प्रणाम

डॉ रामशंकर चंचल

झाबुआ मध्य प्रदेश

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