
पच्चीस दिसंबर को बढ़ा शान
लिए जन्म अटल बिहारी महान
जिंदगी को सादगी से निभाया
देश की सेवा में ख़ुद को लगाया
-माननीय अटल बिहारी वाजपेई जी –
विवाह नहीं किया रहे अकेले
बन कवि ,लेखक शब्दों से खेले
उत्साही पाठक रुचि संगीत,नृत्य में
प्रखर वक्ता गहरी रूचि साहित्य में
राष्ट्र भक्त वो देश के संतरी बने
भारत के दसवें प्रधानमंत्री बने
जन जन के मुख से गुणगान मिला
भारत रत्न और कई सम्मान मिला
बे रौनक चांद और सितारें हो गये
आया अन्त ईश्वर को प्यारे हो गये।
नूर फातिमा खातून “नूरी”
जिला -कुशीनगर
उत्तर प्रदेश
मौलिक स्वरचित




