
शिक्षा के उन्नायक महामना मदन मोहन मालवीय जी के प्रति…
महामना का जन्म मनाएँ l
उनकी शिक्षा को अपनाएँ ll
उसको जीवन में अपनाकर,
घर – घर में उसको फैलाएं l
शिक्षा से बन करके ज्ञानी,
सत्य ज्ञान सबको दे जाएं l
ज्ञान तुम्हारा और हमारा,
दोनों सारे कष्ट मिटायें l
सब अपने हैं सबको लेकर,
भारत को आगे ले जाएं l
सादा जीवन शुभ कर्मों से,
‘ईश्वर’ भू को स्वर्ग बनायें l
Vvvvvvvvvvvvvvvbbbbb
शीर्षक. जन्म अटल का मना रहे हम
विधा. सजल
जन्म अटल का मना रहे हम l
पुष्प चित्र पर चढ़ा रहे हम ll
उनकी शिक्षा कर्मठता से,
सचमुच खुद को सजा रहे हम l
सीख लिये उनके जीवन से,
करके वैसा दिखा रहे हम l
देश-धर्म की रक्षा के हित,
कदम अटल सा उठा रहे हम l
समय-समय पर समझौता कर,
सहयोगी कर बढ़ा रहे हम l
यहाँ मित्र बन जो धोखा दे,
उसे मजा भी चखा रहे हम l
हिन्दी को वैश्विक करने का,
उन सा बीड़ा उठा रहे हम l
युद्ध कारगिल में लड़ करके,
विजय देश को दिला रहे हम l
‘ईश्वर’ उनके जन्म दिवस पर,
उन पर कविता सुना रहे हम l
ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश)




