अंग्रेजी में अनुवाद, डॉ पुलकिता सिंह आनंद द्वारा ,डॉ रामशंकर चंचल की अद्भुत कथाओं से शुरू हुआ,,,,,

झाबुआ मध्य प्रदेश को देश और विश्व पटल पर झाबुआ को साहित्य जगत में चर्चित करता हुआ इतिहास डॉ पुलकिता सिंह आनंद द्वारा डॉ रामशंकर चंचल जी की हिंदी भाषा में लिखी गई लघु कथाओं का अंग्रेजी में अनुवाद हुआ विश्व पटल पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध कृति ने झाबुआ को अमर कर दिया

यह सिलसला चलता रहा और डॉ रामशंकर चंचल ने अपने अथक परिश्रम और साधना और तपस्या से जीवन पूंजी साहित्य को जो सारी रत जागो कर कमाया उसे ईश्वर कृपा से रूह आशीष से इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई द्वारा प्रकाशित कराते हुए एजे संपूर्ण भारत सहित विश्व में चर्चित हो चर्चा बन एक ऐसा इतिहास रचा झाबुआ को अमर करता हुआ जो सदियों जिंदा रहेगा और आनेवाले युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ साथ शोध करने वाले पी एच डी करने वाले को सहज उपलब्ध हो जायेगा इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई से और अमेज़न कृति
सचमुच बेहद वंदनीय है आदरणीय डॉ रामशंकर चंचल जिन्होंने जीवन को साहित्य सेवा में समर्पित कर अपना सुख सुकून तलाशा और एजे कितने ही सुख सुकून त्याग कर यह सुखद अहसास झाबुआ को भेंट कर ईश्वर कृपा को आशीष दे दिया
धन्य है डॉ रामशंकर चंचल जैसे पिछड़े अंचल झाबुआ में सालों से सतत् साधना और तपस्या करते हुए जिन्होंने कभी मैने किया मैं हूं डॉ रामशंकर चंचल जैसे शब्द मुखर नहीं किया और सदा ही अपने पिता को माता को झाबुआ धरा कोऔर अपने लाखों चाहने वालों के आशीर्वाद प्यार को ही सदा ही वंदन
करते हुए उन्हें श्रेय दिया
दुनिया में आज ऐसे विरले लोग कहां देखने मिलते है सचमुच ईश्वर कृपा है रूह आशीष है पिता और माता का अहसास साथ है और लाखों चाहने वालों की अद्भुत दुआ है जो जिन्दा रखें सक्रिय रखें ऊर्जा ताकत प्रदान करती हुई उन्हें सृजन उपलब्धि लिए रखें है




