
नया साल है नई उमंगे ।
मन में भर लो नई तरंगें ।।
बदल गया पंचांग हमारा ।
झूम रहा है यह जग सारा ।।
बीत गया वो साल पुराना ।
करें भलाई कसम उठाना ।।
अब है आया नया तिथिपत्र ।
है अमन शांति का खुशी सत्र ।।
नई सुबह है हे नर जागो ।
लेकिन होड़ लगा मत भागो ।।
वक्त बड़ा मँहगा होता है ।
मोल समय का ही होता है ।।
कीमत इसकी जो पहचाने ।
भाग्य उसी का कहना माने ।।
तुम बस बेहतर की जिद ठानो ।
कमी सभी में होती मानो ।।
बरगद पीपल तुम मत काटो ।
इनके सँग भी खुशियाँ बाँटों ।।
इनके गुण की करना गिनती ।
शुद्ध हवा भी इनसे मिलती ।।
सभी सत्य की राह पकड़ना ।
ईर्ष्या भाव हृदय के तजना ।।
सब में रब बसता यह जानो ।
शक्ति प्रेम की सब पहचानो ।।
भारत में खुशियाँ लाएँगे ।
मिल राष्ट्र गीत हम सब गायेंगे ।।
नीलम अग्रवाल “रत्न” बैंगलोर
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