आलेख
-
योगाभ्यास में प्राणवह नाड़ियों का महत्व
योग और योगाभ्यास में जिन प्राणवह नाड़ियों का जिक्र किया जाता है,वो जिक्र नया न होकर कयी हजार वर्षों पुराना…
Read More » -
आंग्ल वर्ष 2025 को विदाई, 2026 का स्वागत
समय का चक्र निरंतर गतिमान है। एक और आंग्ल वर्ष—2025—अपनी स्मृतियों, अनुभवों और उपलब्धियों के साथ इतिहास के पृष्ठों में…
Read More » -
दिसंबर: स्मृतियों का कोलाज और इतिहास का शाश्वत झरोखा
दिसंबर केवल कैलेंडर का अंतिम पन्ना नहीं है, बल्कि यह स्मृतियों, संघर्षों, वैज्ञानिक बदलावों और उत्सवों का एक ऐसा अनूठा…
Read More » -
अस्तित्व की जंग : जब पर्वत और नदियाँ मानव लालच से जूझ रही हैं
मानव सभ्यता के मूल आधार—नदियाँ और पर्वत—आज तथाकथित विकास की मार से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि समय…
Read More » -
जनवरी: कालचक्र की दहलीज और दो चेहरों वाले देवता की विरासत
एक नई शुरुआत का मनोवैज्ञानिक आधार हर साल जब 31 दिसंबर की आधी रात को घड़ी की सुइयां एक साथ…
Read More » -
नववर्ष 2026: नव चेतना, नव संकल्प और संतुलित जीवन की शुरुआत
‘नववर्ष प्रभात में बरसे, ईश्वर का शुभ आशीष अपार, मार्तण्ड रश्मियों से जागे, नव-जोश, उमंग, नव-विस्तार। खिले मन सभी के…
Read More » -
नव वर्ष में भारत के पत्रकार और नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन
कुमुद रंजन सिंह, अधिवक्ता उच्च न्यायालय पटना नव वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं होता, बल्कि आत्ममंथन, संकल्प…
Read More » -
इंसान बनाम भेड़िये की भूख
अरावली की पहाड़ियों पर लेख इंसान की भूख कितनी है इसकी कोई सीमा नहीं। सीमा है तो उस पर लगाम…
Read More » -
संघ पंच प्रण राष्ट्रोन्नति का आयाम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व की ऐसी एक संस्था है जो अनवरत 100 सालों से राष्ट्र जागरण के कार्य में लगी…
Read More » -
संस्कारवान शिक्षा ही समर्थ राष्ट्र की नींव है—और गुरुकुल उसका शाश्वत आधार
किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सीमाओं, संसाधनों या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, संस्कार…
Read More »