साहित्य

  • नज़्म

    मिले जब से ऱफ़ीक़-ए-ज़ा बदल दी कायनात मेरी, हर इक लम्हा मशर्रत है, हर एक साअत सौगात मेरी। तपिश जो…

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  • जल है तो कल है

    विश्व जल दिवस पर विशेष कविता विश्व जल दिवस का संदेश, सुनो धरती के वीर, जल ही जीवन का आधार,…

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  • निर्मल चरित्र फायकु

    मै मंदिर जाता हूँ इससे भक्ति मिलती तुम्हारे लिए। मुक्त मणि अर्पित हूं इससे सुख  पाता तुम्हारे लिए। प्रभू की…

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  • विश्व जल दिवस

    न करना जल को तुम बर्बाद जल सेही जीवन मिलता है,इतना रखना याद न…… जल-स्तर घटता जाता है ध्यान मनुज…

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  • विचारों को कहती कविता

    विचारों की अभिव्यक्ति को कहती *कविता* संपादित कर भावों को उकेरती शब्दों में कागजों पर बिखर जाते कितने रूप हर…

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  • अनुभव का फ़ायदा

    अनुभव कहता है कि परवाह करने वाला मित्र, दर्द समझने वाला पड़ोसी, और इज्जत करने वाले रिश्तेदार ये बहुत भाग्यवान…

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  • ग़ज़ल

    दुआ यही मेरे परवरदिगार ईद के दिन। वतन के लोगों में हो गहरा प्यार ईद के दिन। ख़िज़ाओं का न…

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  • कठपुतलियां हैं हम

    डोर हमारी संचालित है, किसी और हाथों में। क्रूर नियति के उपादान भी, हर पल जीवन बाधित करते, राह सामने…

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  • टूटे रिश्ते

    बड़ी आसानी से टूटे हैं हमारे रिश्ते मिट चुके हैं जहांँ जज़्बात फिर कहांँ के रिश्ते!! ज़ख़म देते हैं रोज़…

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  • माँ कुष्मांडा की महिमा

    चतुर्थ दिवस का शुभ प्रभात, जग में ज्योति छाई, माँ कुष्मांडा के चरणों में, श्रद्धा शीश झुकाई। अंडज ब्रह्मांड की…

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