साहित्य
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वास्तु दोष महलों में होते
वास्तु दोष महलों में होते, पक्के घर में, बंगलों में। जिनके सिर्फ झोपड़ी है उस घर में कोई दोष नहीं।…
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देश मेरा अभिमान
ये देश मेरा, अभिमान मेरा ये जान मेरी, ये शान मेरी। इस देश से ही है पहचान मेरी। इस देश…
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डिग्री की दास्तान
आजकल डिग्री बड़ी बेचैन रहती है, अलमारी में टंगी-टंगी हैरान रहती है। सोचती है,इतने सालों की पढ़ाई के बाद फिर…
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क्या आप मेरे बनोगे
मेरी प्रेम कहानी का तुम श्रृंगार करोगे क्या, मेरी प्रीत कहानी के तुम किरदार बनोगे क्या। करती हूँ मैं प्रेम…
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नवसंवत्सर लेकर आया (प्रदीप छंद
नवसंवत्सर लेकर आया, नूतन नवल विहान है। नयी उमंगें नयी तरंगे, नया-नया परिधान है॥ विक्रम संवत प्रथम दिवस यह, शुचिता…
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कुण्डलिया
चैत्र महीने से लगे, नव संवत्सर वर्ष । नवरात्री पूजन करें, हर जन दिखता हर्ष ।। हर जन दिखता हर्ष,…
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नज़्म
मुंतज़िर आंखें और यह शब- ए- तन्हाई, धड़कनों में गूंजती है तेरी रुसवाई। दस्त ए हिज़्र में भटकता है ज़हन…
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विडंबना नहीं तो और क्या है
अपनी बात कहना कोई गुनाह नहीं, मैं भी यह गुनाह करता हूँ, जब वह आँधी बनकर आती है, बहती हवाओं…
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मैं, तुम और चाय
मैं, तुम और चाय की गुफ़्तगू, ठंडी हवाओं में गर्म खुशबू। निगाहें मिलीं, दिल धड़क उठा, चाय के संग मोहब्बत…
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नारी का हर रूप
नारी का हर रूप अनूप है , नारी स्वयं छाया व धूप है , नारी शारदा लक्ष्मी व दुर्गा ,…
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