साहित्य
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गीत सार छंद
दिल में घाव करे यह हरपल, खंजर चले दुधारी। बड़ी तीक्ष्ण होती है भैया, मुख की शब्द कटारी।। रखें नियंत्रण…
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भजन-बरसाने जाऊँगी
बरसाने जाऊँगी सखी री, राधे राधे गाऊँगी। राधा रानी के चरणों में, जीवन सफल बनाऊँगी॥ बरसाने की गलियों में, प्रेम…
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मक़बूल
दिल की बातें दिल ही में रहने दो ना हमारी वह मुलाकातें वहीं रहने दो ना!! क्यों हमारा रिश्ता मक़बूल…
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फाग उत्सव का कलंक
अंग्रेजों के निरे मानस -पुत्र भर दिये हैं शिक्षा-संस्थान। सारी मर्यादाएं तोड़ रहे हैं मूर्ख,मूढ़,बुद्धिहीन,नादान।। बहनों को भाभी बना रहे…
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सागर का दर्द
सागर का दर्द हे मनुष्य तुम कर रहे हो सदियों से मेरा दोहन ले जाते हो सीपी शंख मोती मूंगा…
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भाषा गतिविधि
सोचो बच्चो सोचों कुछ तो मन मे सोचों सोचो बच्चो सोचों फल का नाम सोचों बोलो बच्चो बोलो एक फल…
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नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली – लोकोक्ति
चली देख लो बिल्ली हज को नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली कैसे खाती दादू इतने चूहे लाकर? दादा बोले जीवन…
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सम सामयिक
बने मासूम वो चेहरा ढक निकलते हैं। बेरहम वार वही हमपे किया करते हैं।। क्यूं बने दोस्त तेरे हम,दिल के…
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अर्चना सिंह का शोध पत्र पुस्तक रूप में “नारी समस्या सशक्तिकरण और मानवता” का हुआ विमोचन
महराजगंज।जवाहरलाल नेहरू स्मारक पी जी कॉलेज में हिंदी विभाग, हिंदुस्तान अकादमी, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ एवं सिटीजन फोरम के…
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जीवन का अवनमन -उन्नयन
धारा के विपरीत नाव का,वेग निकाला करते थे। सापेक्ष गति निरपेक्ष मान,गुरुवृन्द पढ़ाया करते थे।। जाने कितने प्रश्न हल किये,ज्यामिति…
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