
तारीख 25 दिसंबर 1924 जन्मे अटल बिहारी।
धन्य हुआ भारत,ग्वालियर और पिता श्रीकृष्ण बिहारी।
गांव शहर महका दिया खिला कर कमल का फूल।
करते रहे देश की सेवा लगा कर माथे पर धूल।
कुंवारे रहे आजीवन किया देश की सेवा।
सत्ता पक्ष हो या विपक्ष माने उनको देवा।
निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता पास अपने रखते।
विपरीत परिस्थिति में भी तनिक नहीं हिचकते।
हुंकार भरी जब संयुक्त राष्ट्र में लोहा सबने माना।
अटल का अटल रूप देखा,समझा और जाना।
उच्च मुखर ओजस्वी वाणी शब्दों के सिपाही।
जब भी बोले बोल मिलती थी उनको वाह वाही।
नहीं हिचकना नहीं डरना राष्ट्र पुरुष निर्णायक।
भारत में ही करवा डाला परमाणु परीक्षण।
जीते कारगिल युद्ध नतमस्तक हो गया दुश्मन।
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना भाया सबके मन।
विश्व पटल पर भारत और हिंदी का बढ़ाया मान।
भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेजी जी दिल से प्रणाम।
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बंदना मिश्रा
देवरिया उत्तर प्रदेश




