साहित्य

आज तुलसी दिवस के इस पावन अवसर पर संकल्प लें—

दिनेश पाल सिंह दिलकश

 

तुलसी को केवल पूजे नहीं, उसे सम्मान दें।
उसके संदेश को सदा,उतारें अपने जीवन में
शुद्ध वायु, शुद्ध विचार और शुद्ध आचरण,
तुलसी पूजन को यही , सच्चा सम्मान दें।
तुलसी माता को कोटि-कोटि नमन! 🌿🙏

खड़ी आंगन में तुलसी, बनकर संस्कृति- शान,
घर-घर में बसती है, इससे भारत की पहचान।
हुआ जहां तुलसी का वास, पावन हो गई धरा,
श्रीहरि आते वहां स्वयं, लेकर मंगल विधान।

तुलसी केवल पौधा नहीं, श्रद्धा की अभिव्यक्ति है,
सेहत, संस्कार, साधना , सबकी यह संयुक्ति है।
पूजी जाए जिस घर में,‌ तुलसी मन से, नियम से,
हर पीड़ा से पहले उस घर में आशा उपस्थित है।

शुद्ध बनाती साँसों को,मन को देती विश्वास,
तुलसी संग जुड़ा हुआ, जीवन का हर सुवास।
नत-मस्तक है विज्ञान भी, इसकी महिमा जान,
आस्था और आरोग्य का, यह अनुपम इतिहास।

दिनेश पाल सिंह दिलकश 💛
जनपद संभल उत्तर प्रदेश

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