साहित्य

कलम गई है जाग 

पं पुष्पराज धीमान विश्वकर्मा भुलक्कड़

कलम गई है जाग
अब उगलेगी आग

यही सोच रहे हैं सब
लग रहा है कैसे दाग

फन उठाकर घूमता
अब जहरीला नाग

नागफनी पनप रही
उजड़े फूलों के बाग

खुलकर वह गा रहे
जाति पाति का राग

मंजिल का पता नहीं
मगर है भागमभाग

उम्मीद मगर बाकी है
फिर खेलेंगे हम फाग

पं पुष्पराज धीमान विश्वकर्मा भुलक्कड़
गांव नसीरपुर कला हरिद्वार उत्तराखंड
9634213638 एवं 9759017406

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!