
मदन मोहन तुम महामना
विराट व्यक्तित्व के स्वामी
महान शिक्षाविद, राष्ट्र सेवक
समाज सेवक तुम निष्कामी!
सुदृढ़ की निज सनातन परंपरा
शिक्षा की घर-घर ज्योति जलाई
भारतीय संस्कृति का रूप संवारा
चरित्र निर्माण की अलख जगाई
विद्यार्थी जीवन कितना अनमोल
सुविचारों से संचेतना फैलाई
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
नींव पर टिकी उन्नति सुखदाई
अपूर्व तुम्हारी दूरदर्शिता
स्वतंत्रता को दी प्रथमिकता
शिक्षा का किया प्रचार-प्रसार
अनुकरणीय निष्पक्ष पत्रकारिता
देश तुम्हारा ऋणी रहेगा
गौरव तुम भारत माँ के
तुम्हारे आदर्श सर्वहितकारी
तुम जन नायक जन-जन के।
मीना जैन
इंदिरापुरम, गाजियाबाद।




