साहित्य

पं.अटल बिहारी बाजपेई

डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव

*पं.अटल बिहारी बाजपेई*

पूर्व प्रधानमंत्री अटल थे,ओजस्वी कवि प्रखर वक्ता।
मस्तक पर तेज चमकता,वाणी में ओज झलकता।।

25 दिसंबर 1924 को जन्मा है,पृथ्वी पर एक बाल।
कृष्ण बिहारी बाजपेयी-कृष्णा बाजपेयी का लाल।।

कवि ओजस्वी प्रखर वक्ता,अटल बिहारी बाजपेयी।
मिलनसार चरित्रवान,सभी के दिल प्रिय बाजपेयी।।

भारतीय जनसंघ के,संस्थापकों में से थे वह एक।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक भी थे,अटलजी वास्तव में नेक।।

जीवन में अटल बिहारी जी,3 बार रहेहैं प्रधानमंत्री।
13 दिन 1996में,13माह1998-99 रहे प्रधानमंत्री।।

पोखरण में वह,भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट।
देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न, बनाया ये विस्फोट।।

सदा-ए-सरहद बस सेवा,दिल्ली से लाहौर शुरू की।
प्रथम यात्री बन स्वयं अटल ने, नई वार्ता शुरू की।।

कुछ दिन बाद मुसर्रफ शह पर, कारगिल में कब्जा।
पाक सेना ने घुसपैठ कर,किए पहाड़ी क्षेत्र कब्जा।।

भारत की सेनाओं ने,अपना गोला बारूद बरसाया।
बोफोर्स तोपों ने शत्रु को कारगिल से मार भगाया।।

एक-एक इंच भारत भू को,पाक कब्जा से छुड़ाया।
भारत का यह झंडा वीरों ने,कारगिल में फहराया।।

नम्र विनम्र व्यवहार कुशल,अटल इरादा है बनाया।
आजीवन थे अविवाहित,भारत रत्न शान बढ़ाया।।

शुभदिन फिर से आया,वे पूर्णकाल रहे प्रधानमंत्री।
1999-2004 तक,भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री।।

स्वर्णिम चतुर्भुज योजना की,एक नई शुरुआत हुई।
दिल्ली-कोलकाता,चेन्नई-मुम्बई जुड़े,शुरुआत हुई।।

सौ वर्षों पुराना एक,कावेरी जल विवाद सुलझाया।
राष्ट्रीय सुरक्षा एवं,आर्थिक सलाह समिति बनाया।।

25 दिसंबर का शुभ दिन, पुन आज आया है भाई।
शत-शत नमन प्रणाम वंदन, जन्म जयंती है आई।।

डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता,पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.

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