
प्रयागराज,17 जनवरी 2026(दि ग्राम टूडे)

स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर अभिनव काव्य मंच ने साहित्य सृजन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में प्रयागराज के प्रख्यात कवि व्यंग्यकार जयचन्द प्रजापति ‘जय’ ने अपनी राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच ने उनकी उत्कृष्ट रचना की सराहना करते हुए ‘राष्ट्रभक्ति साहित्य सम्मान’ से नवाजा। अध्यक्ष ने उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। यह सम्मान स्वामीजी के युवा शक्ति जागरण के संदेश को साहित्य के माध्यम से जीवंत करने वाली रचनात्मकता का प्रतीक है। साहित्य प्रेमी इसे हिंदी साहित्य में राष्ट्रप्रेम की नई लहर बता रहे हैं।
हिंदी साहित्य के यथार्थवादी व्यंग्यकार कवि जयचन्द प्रजापति ‘जय’ अपनी कविताओं, लघुकथाओं और हास्य-व्यंग्यों से समाज की कठोर सच्चाइयों को उजागर करते हैं। गरीबी, शोषण, दलित चेतना और स्त्री विमर्श जैसे मुद्दों पर उनकी कलम अकँठ बहती है। आम भाषा में बुनी रचनाएँ—”मेरा सफर”, “वह स्त्री”, “हमारा देश”, “सच्चा दिल” और “मेरा बचपन”—लाखों पाठकों तक पहुँचती हैं।
हास्य-व्यंग्य उनकी विशेषता है, जो गरीबों-मजदूरों की पीड़ा को हँसी के परदे में छिपाता है। प्रकृति, प्रेम और सामाजिक समरसता भी उनकी कविताओं का हिस्सा हैं। अनेक मंचों पर सम्मानित हो चुके ‘जय’ हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा दे रहे हैं—उनकी हर पंक्ति सामाजिक न्याय की पुकार है।




