साहित्य

अंगुरी पकड़ के पहुंचा पकड़े

अवधेश कुमार श्रीवास्तव

अंगुरी पकड़ के पहुंचा पकड़े को बेताब आज दुनिया सारी,
भाई,बहन समाज को छोड़ो,ये छोड़ रहे हैं बप्पा महतारी,
चिंता नहीं भगवान की इनको,का कहिहै,तुम्हरे जीवन का,
चुल्लू भर पानी म मरि जाएं, काहे बदनाम होए माता बेचारी।।

बेहाल हो रही ममता मां की,ई मस्त अपन कमावै मा,
कैसे बचेगी मानवता, संकोच करत सब आवै मा,
जब अपनै खून न साथ देत,तौ औरन ते अपेक्षा कैसी,
एकु दिन आइ जब सोचिहौ खुद से,ढुढ़िहौ कुछ पावै मा।।

अवधेश कुमार श्रीवास्तव

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!