
प्रथम होती तुम्हारी पूजा
तभी करें काम कोई दूजा
मन अति भाये सिंदूरी रंग
दूर्वा से प्रिय न कोई दूजा
लेखन में विशेषज्ञता प्राप्त
किया ग्रंथ महाभारत लेखन
बुद्धि देवता विघ्न विनाशक
माता पार्वती सुपुत्र गजानन
भाद्र चतुर्थी में प्रकट हुए हो,
वाहन नन्हा मूषक लिए हो
सर्वमंगलकर्ता चतुर्भुजी हो,
सुमुख गजकर्ण एकदंती हो
दो हाथों पाश् अंकुश साजे
दो मे वरमुद्रा मोदक विराजे
पूरी हो उपासक मनोकमाना
कभी विघ्न का न हो सामना
मीनाक्षी शर्मा ‘ मनुश्री ‘
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)



