साहित्य

ग़ज़ल

चनरेज राम अम्बुज

राह  मुश्क़िल  है  हौसला  रखना।
सिर्फ  मंज़िल  से  वास्ता  रखना।

लोग  भटकाएँगे  तुम्हें  फिर  भी,
चलते रहने का सिलसिला रखना।

इश्क़ में ज़ख़्म मिलना वाज़िब है,
पास  में  दर्द   की  दवा   रखना।

सारी  दुनिया बड़ी ही ज़ालिम है,
ज़ख़्म  अपने  सभी छुपा रखना।

हो सगा  चाहे  जितना भी इंशाँ,
पर   यकीं   एक  मर्तबा  रखना।

छुप ये  सकता है अब्र से सूरज,
जुगनुओं  से  भी  राब्ता  रखना।

शाइरी का शौक़ मुझको है *अम्बुज*,
अपनी महफ़िल जरा सजा रखना।

चनरेज राम अम्बुज
आजमगढ़ उत्तर प्रदेश
मोबाइल नंबर 9935738757

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