साहित्य

जंगल

ब्रह्मनाथ पाण्डेय' मधुर'

जल जंगल मंगल करें, जग में रहे न खेद।
ये सब करते हैं नहीं, कभी किसी से भेद।।
कभी किसी से भेद, बात इनकी है पक्की।
जो पाये सानिध्य, उसी की रोज तरक्की।।
कहें’ मधुर’ कविराय, साथ देते ये हरपल।
नहीं किसी से द्वेष, कर रहे हैं जल जंगल।।

ब्रह्मनाथ पाण्डेय’ मधुर’
वार्ड नंबर-5 काॅंटी, मुहल्ला- ककटही, नगर पंचायत- मेंहदावल, पोस्ट- मेंहदावल, जिला:- संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश, 272272

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