साहित्य

जन्मदिन की बधाई व आभार, धन्यवाद

विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

जीवन का वास्तविक अस्तित्व,
परिभाषित कर देता है कृतित्व,
आयु जब बढ़ती है जन्मदिन पर,
उम्र एक वर्ष कम होती है उस पर।

यह विधना का विधान होता है,
प्राणि मात्र पर ये लागू होता है,
इसमें नहीं है संशय कोई कहीं,
इसकी लेशमात्र चिंता नहीं कहीं।

घर बाहर ज्योति दमके,
अन्तर्पट में अच्छाई हो,
आपको जन्मदिन की
मेरी हार्दिक वधाई हो।
जन्मदिन की बधाई व शुभकामना
बहुत ही अच्छी है यह शुभकामना।

सदा ख़ुश रहें, वैभव शाली रहें,
मेरी आपके लिये बस है ये दुवा,
बहुत बहुत आभार है आपका,
बहुत बहुत धन्यवाद है आपका।

आप हमेशा कुशल प्रसन्न रहें,
आप शतायु प्राप्त कर सकें,
विद्या, बुद्धि, विवेक में दक्ष हों,
धन,यश,वैभव शक्ति प्राप्त करें।

देशभक्ति सदा आपकी बढ़ती रहे,
आपका परिवार- यश बढ़ता रहे,
सदा आरोग्य रहें और विजयी बने,
आदित्य की यही मनोकामना रहे।

विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ

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