
गूँज रहे नव गीत गगन में
नव वर्ष तुम्हारे स्वागत में
अभिनंदन संदेश पवन में
नव वर्ष तुम्हारे स्वागत में….
रजत वर्ष बीते शताब्दी के
अब स्वर्ण काल की यात्रा है
फैल रही है नई रोशनी
नव संकल्पों की वार्ता है
मंगल ध्वनि शंखनाद की
नव वर्ष तुम्हारे स्वागत में….
सजी रंगोली द्वार-द्वार पर
सजी-धजी हैं आज दिशाएं
नवल हास है, नव प्रयास है
गूँज रहीं हैं नवल ऋचाएं
हृदय आनंद-उल्लास भरा
नव वर्ष तुम्हारे स्वागत में…..
युद्ध छिड़े न किसी क्षेत्र में
प्रतिष्ठापित हो शांति साम्राज्य
प्रगति के सब द्वार खुलें
बढ़े परस्पर मैत्री-सद्भाव
प्रभात फेरियां गली-गली में
नव वर्ष तुम्हारे स्वागत में….।
मीना जैन
इंदिरापुरम, ग़ाज़ियाबाद।



