कुरुक्षेत्र में गीतायन का भव्य लोकार्पण, ऋतु गर्ग की रचना “गीता का दिव्य ज्ञान” को मिला विशेष स्थान

अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति न्यास साहित्योदय के तत्वावधान में अखण्ड गीता पीठ आश्रम, कुरुक्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय गीतायन साहित्य महोत्सव के दौरान “गीतायन” (खंड–1,2) का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर के चयनित साहित्यकारों की रचनाएँ प्रकाशित की गईं, जिनमें लेखिका एवं सर्टिफाइड लाइफ कोच श्रीमति ऋतु गर्ग की आध्यात्मिक रचना “गीता का दिव्य ज्ञान” को विशेष स्थान प्राप्त हुआ।
साहित्य एवं आध्यात्मिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमति ऋतु गर्ग को इसी मंच पर “साहित्य शिखर सम्मान” से भी सम्मानित किया गया है ।जिससे उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों ने उन्हें बधाई दी।
कार्यक्रम का उद्घाटन निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी शाश्वतानंद गिरि जी महाराज के कर कमलों से हुआ। महोत्सव में कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठियाँ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया गया। देश के 12 राज्यों से आए 72 से अधिक सृजनकारों ने इस आयोजन में सहभागिता की।
“गीतायन” का प्रकाशन साहित्योदय प्रकाशन मंडल द्वारा किया गया है, जिसके संस्थापक एवं अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार पंकज प्रियम हैं। साहित्य जगत में श्रीमति ऋतु गर्ग की इस उपलब्धि पर उन्हें अनेक साहित्यकारों एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शुभकामनाएँ दी गईं तथा भविष्य में और अधिक आध्यात्मिक व प्रेरणादायक रचनाओं की अपेक्षा व्यक्त की गई।




