
उड़े पतंग आसमान में देखो ऐसे
प्यार में दिल हिचकोले खाएं जैसे
इधर उधर भटके देख जी घबराएं
कोई पतंग मेरी काट ना ले जाएं
गुड़ तिल मिल बने फिर मिठाई
गंगा जी में सबने डुबकी लगाई
चावल खिचड़ी का दान करो
जीवन में प्रेम उल्लास भरो
प्रिया काम्बोज प्रिया ✍️ सहारनपुर उत्तर प्रदेश




