साहित्य

मुक्तक- हौसला

नरेश चन्द्र उनियाल

 

है कठिन तेरा समय मत हार हिम्मत, गम न कर,
कुछ नहीं होगा रुदन से आँख यूँ तू नम न कर,
हौसला तेरा तुझे, मन्जिल तलक ले जायेगा –
छोड़ मत हिम्मत का दामन, हौसला तू कम न कर।

*✍️ नरेश चन्द्र उनियाल,*
“कमली कुंज”
देहरादून, उत्तराखण्ड।

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