
दादा जी सब जन क्यों कहते
नौ दो ग्यारह होना ,
इसमें ऐसी बात क्या जो
रोते सब यह रोना।
दादा बोले पोते से तब
अक्ल से अपनी जाग,
है इसका मतलब होता
जब कोई जाता भाग।
तभी लोग कहते हैं सारे
दौड़ते उसको देख,
याद उस समय सबको आता
नौ दो ग्यारह लेख।
मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ०- 8433013409
दिनांक-13-1-2026



