
कुछ खट्टे व कुछ मीठे पल
मिश्रित करके मैं लाया हूँ
ढेरों शुभकामनाओं के संग
मैं असंख्य उपहार लाया हूँ
नीहार की बहार भी लेकर
मैं शीत कांति संग आया हूँ
बरखा जल के मोतीयों संग
मैं शीतल लहर भी लाया हूँ
विटपो से पल पल झड़ते
पल्लव का पतझड़ लाया हूँ
पौष मास की सर्दी के संग
चारु हिमवर्षण भी लाया हूँ
उपहारों में स्वर्ण सूर्य किरण
पीली सरसों के पुष्प लाया हूँ
ढेरों शुभकामनाओं के संग
मैं असंख्य उपहार लाया हूँ
मीनाक्षी शर्मा मनुश्री
गाजियाबाद (उ. प्र.)




