प्रयागराज के साहित्यकार जयचन्द प्रजापति को मिला ‘शारदा साहित्य रत्न सम्मान’

प्रयागराज।

मां शारदे काव्य मंच द्वारा 9-10 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय काव्य लेखन प्रतियोगिता में प्रयागराज के साहित्यकार जयचन्द प्रजापति ‘जय’ को उत्कृष्ट लेखन के लिए शारदा साहित्य रत्न सम्मान से नवाजा गया।
यह प्रतियोगिता हिंदी साहित्य के उभरते रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। जयचन्द प्रजापति की सामाजिक विद्रूपताओं पर प्रहार करने वाली सरल भाषा वाली कविताओं, लघुकथाओं, हास्य-व्यंग्य और लेखों ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया।
जयचन्द प्रजापति का जन्म 15 जुलाई 1984 को प्रयागराज जिले के हंडिया तहसील के जैतापुर गाँव में हुआ। पिता मोतीलाल प्रजापति की असमय मृत्यु के बाद मां शांति देवी ने उनका लालन-पालन व शिक्षा का पूर्ण दायित्व निभाया। स्नातक व पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त करने वाले प्रजापति का विवाह मीरा प्रजापति से हुआ, जिनसे दो पुत्र ऋषभ व सरस तथा दो पुत्रियां नैंसी व अन्या हैं।
उनकी रचनाएं गरीबी, मजदूरों, शोषितों, दलित चेतना व स्त्री विमर्श पर केंद्रित हैं। प्रमुख रचनाओं में “मजदूर”, “अध्यापक”, “मेरा सफर”, “दहेज के लिए सुर बदला”, “खोदा पहाड़ निकली चुहिया” व “चमचा की चमचई” शामिल हैं। ये समाचार पत्रों, पत्रिकाओं व सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं। यह सम्मान उनके साहित्यिक सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।




