समाज के नैतिक उत्थान हेतु ब्राह्मणों का संस्कारी होना अनिवार्य -स्वामी प्रखर जी महाराज

गिरैया बाजार(अंबेडकर नगर)।ब्राह्मणों का नैतिक और चारित्रिक उत्थान ही लोकमंगल और राष्ट्रोत्थान का मूलमंत्र है।इसलिए ब्राह्मणों को वेदमाता गायत्री की उपासना अपने पूर्वजों से सीखना अब समय की आवश्यकता है,अन्यथा संस्कार विहीन ब्राह्मण न तो अपने अस्तित्व की रक्षा करने में समर्थ हो सकता है और न ही राष्ट्र का उत्थान होगा।ये उद्गार अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक एवं यज्ञ सम्राट स्वामी प्रखर जी महाराज ने व्यक्त किए।स्वामी जी विगत दिवस जिले की आलापुर तहसील अंतर्गत गिरैया बाजार में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

ज्ञातव्य है कि पूरे देशभर में निशुल्क कैंसर अस्पतालों और शैक्षिक संस्थाओं के संचालन के साथ ही साथ सर्वाधिक यज्ञ करने वाले प्रखर जी महाराज पुष्कर तीर्थ में आगामी 8 मार्च से 19 अप्रैल तक चलने वाले 200 कुंडीय शत सहस्र गायत्री पुनर्श्चरण महायज्ञ के परिप्रेक्ष्य में संप्रति पूरे भारत में ब्राह्मणों से संवाद और विमर्श स्थापित कर रहे हैं।स्थानीय गिरैया बाजार में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन भी इसी क्रम में आयोजित किया गया था।

ध्यातव्य है कि महर्षि विश्वामित्र द्वारा पुष्कर तीर्थ में 24 करोड़ गायत्री पुनर्श्चरण महायज्ञ के पश्चात इतिहास में यह प्रथम आयोजन है जिसमें 24 करोड़ गायत्री पुनर्श्चरण और दशांश हवन सहित कुल 27 खरीद गायत्री पुनर्श्चरण का आयोजन किया जा रहा है।इस यज्ञ में आयोजक,आचार्य,सहयोगी और दानकर्ता सभी लोग केवल ब्राह्मण वर्ग से हैं और कि महायज्ञ में लगभग 500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान भी है।इस यज्ञ में अन्य सभी समुदायों,जातियों का अभिनंदन और सहभागिता तो होगी किंतु समस्त आर्थिक सहयोग केवल और केवल ब्राह्मणों से लिया जाना है।जिससे कि प्रत्येक ब्राह्मण स्वयं को यज्ञ का अंग मानते हुए नियमित संध्यावंदन को अपने जीवन में अंगीकृत करते हुए स्वस्थ परिवेश का निर्माण करें।
ज्ञातव्य है कि उक्त सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,उत्तर प्रदेश के अयोध्यामंडल अध्यक्ष डॉ.उदयराज मिश्र के संयोजकत्व में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य स्थाई अधिवक्ता डॉ.पवन कुमार तिवारी तथा कानपुर विश्वविद्यालय के सैन्य अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ.राम तिवारी ने किया था।जिसमें भूमि विकास बैंक,उत्तर प्रदेश के निदेशक यमुना प्रसाद चतुर्वेदी,भागवताचार्य योगेश जी महाराज,ज्योतिषाचार्य श्रीकृष्णाचार्य,सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मंत्र विभागाध्यक्ष डॉ.रामप्रिय मिश्र, वैयाकरण आचार्य रामनारायण मिश्र,पूर्व प्रधानाचार्य श्यामसुंदर द्विवेदी,प्रख्यात समाजसेवी योगेन्द्र नाथ त्रिपाठी,सभासद बाल गोबिंद त्रिपाठी,शानू दुबे,भाजपा नेता राघव तिवारी,मीरा पांडेय सहित जिले की प्रमुख नामचीन हस्तियों ने भाग लिया।


