साहित्य

स्वागत है नव वर्ष का

ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति

 

मंगलमय हो विश्व का, अंग्रेज़ी नव वर्ष l
सभी नित्य उन्नति करें, तब हो घर में हर्ष ll

बीता अपने रंग में, दो हज़ार पच्चीस l
‘ईश्वर’ खुशियाँ ला रहा,दो हज़ार छब्बीस ll

स्वागत है नव वर्ष का, लेकर माला फूल l
‘ईश्वर’ सुख सेहत लिए, बना रहे अनुकूल ll

सभी स्वस्थ सुन्दर रहें, कहता है नव वर्ष l
दौड़ लगा खेलें सभी, तब हो तन में हर्ष ll

आसन प्राणायाम से, बनता स्वस्थ शरीर l
ईश कृपा से वर्ष नव, हरे सभी की पीर ll

हिंसा से सब दूर हों, कहता है नव वर्ष l
नित्य प्रेम से सब मिलें, तब होगा उत्कर्ष ll

सब अपने हैं जानकर, करें सभी से प्यार l
‘ईश्वर’ हो हर्षित तभी, यह सुन्दर संसार ll

करें भरोसा स्वयं पर,लिये शक्तिमय हाथ l
‘ईश्वर’ ऐसे वीर की, दुनिया देती साथ ll

आतंकी सब खत्म हों, चाह रहा नव वर्ष l
‘ईश्वर’ यदि ऐसा हुआ, सब पायेंगे हर्ष ll

मिटे ग़रीबी भुखमरी, चाह रहा है देश l
नए वर्ष की चाह है, भगे विश्व से क्लेश ll

सबकी पूजा अर्चना,सफल करो भगवान l
‘ईश्वर’ नूतन वर्ष में, सब पायें सम्मान ll

स्वयं रचित, मौलिक, अप्रकाशित तथा सर्वाधिकार सुरक्षित है l ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, मेंहदावल, जि. संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश)

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