
मैं भूल नहीं सकता हूँ तुझे, मरने के बाद भी,
तेरा नाम ही होगा लब पर, जाने के बाद भी।
धड़कनों में बसाए रखा है तुझे इस कदर मेने
धड़कन गूँजेगी तेरा ही नाम, लेने के बाद भी।
राहों में तेरी खुशबू सा बिखरा रहूँगा,
तू महसूस करेगी मुझे, बिखर जाने के बाद भी।
चाँदनी बनके तेरी छत पर उतर आऊँगा,
मैं याद आऊँगा तुझे ढल जाने के बाद भी।
आँखों की कोरों में ठहरा सा एक सपना,
मुस्काएगा तुझमें ही, मिट जाने के बाद भी।
तेरे हर गीत की धुन में छुपा रहूँगा,
सुर बनकर गाऊँगा, थम जाने के बाद भी।
प्यार अगर सच्चा हो, तो खत्म नहीं होता,
मैं तेरा ही रहूँगा, इस दुनिया से जाने के बाद भी।
तू जब भी पुकारेगी नाम मेरा तन्हाई में,
सुन लेगी मुझे पास, दूर जाने के बाद भी ।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश




