
1
रखनी याद तो प्रभु की मेहरबानी याद रखो।
हमेशा माता-पिता की दी क़ुरबानी याद रखो।।
नहीं रखो मन केअंदर नफरत की गर्द-गुबार।
बस कैसे बढ़ना आगे यही कहानी याद रखो।।
2
सदा याद रखो किसने बढ़ाया हाथ तुम्हारे लिए।
याद रखो कब किसने दिया साथ तुम्हारे लिए।।
नहीं याद रखो पुरानी कड़वी बीती बातों को।
याद रखो किसने की कब फरियाद तुम्हारे लिए।।
3
रखो याद पुरातन संस्कार संस्कृति की बातें।
योग,आयुर्वेद,वेदों,शिष्टाचार अनमोल सौगातें।।
न अपनाना केवल आधुनिक जीवन दिनचर्या।
याद हो सदा भारतीयसभ्यता संस्कार की चाहतें।।
4
मत उलझे रहो अपने ही बुने हुए जंजाल में।
मत उलझो हमेशा ही खाली ख्वाबों ख्याल में।।
आज की हार को ही जीत की वजह बनायो तुम।
बनो जवाब कि मत उलझो बस यूं ही सवाल में।।
रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।



