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फागुन के रॅंग में रॅंगे,धरा प्रकृति आकाश।
होली में सब मस्त हैं, टेसू संग पलाश।।
टेसू संग पलाश,गंध महुआ मनभावन।
जीवन रॅंग मधुमास,खिला मन सुरभित पावन।।
होली की सौगात,प्रीत की पायल रुनझुन।
खिला रॅंगीला मीत, लिए फिरता है फागुन।।
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ममता झा मेधा
डालटेनगंज




